
फोटो-6- तेज धूप में कुछ इस तरह सिर ढक कर निकलतीं नजर आईं छात्राएं। संवाद
उन्नाव। इस साल नौतपा 25 मई से शुरू होगा। दो जून तक चलने वाले नौतपा में गर्मी प्रचंड रूप रूप से पड़ेगी। अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं।
चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय कानपुर के मौसम विशेषज्ञ डॉ. सुनील पांडेय ने बताया कि नौतपा के नौ दिन में गर्मी सबसे प्रचंड रूप में होती है। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं जिससे भीषण लू (हीटवेव) और अत्यधिक तापमान का प्रकोप देखने को मिलता है। नौतपा का धार्मिक और वैज्ञानिक कारण भी होता है।
ज्योतिषीय महत्व के अनुसार, जब सूर्य वृषभ राशि में भ्रमण करते हुए रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तो उसके शुरुआती नौ दिनों को नौतपा कहा जाता है। रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा (शीतलता का प्रतीक) है। जब सूर्य (अग्नि तत्व) इसमें प्रवेश करता है तो वह इसकी शीतलता को सोख लेता है जिससे पृथ्वी पर तापमान चरम पर पहुंच जाता है।विज्ञापन
वैज्ञानिक दृष्टिकोण में खगोलीय रूप से इस समय सूर्य उत्तरी गोलार्ध में कर्क रेखा के ठीक ऊपर की ओर बढ़ रहा होता है। इस कारण सूर्य की किरणें भूभाग पर बिल्कुल सीधी पड़ती हैं। इस समय तक ठंडी मानसूनी हवाएं नहीं पहुंचतीं और शुष्क, गर्म हवाओं (लू) के कारण वातावरण एक भट्टी की तरह तपने लगता है।
नौतपा में रिकाॅर्ड तोड़ सकती है गर्मी
मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक इस बार नौतपा में गर्मी कई साल के रिकार्ड तोड़ सकती है। तापमान 48 डिग्री तक पहुंच सकता है। दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे के बीच हवाएं अत्यधिक शुष्क और झुलसाने वाली होंगी। रातों में भी उमस और गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। ऐसा कहा जाता है कि नौतपा जितना तपेगा, उतनी ही बारिश झमाझम होगी। नौतपा शुरू होने से पहले ही शनिवार को पारा 43 डिग्री तक पहुंच गया। तेज गर्म हवाओं ने बेहाल कर दिया।
भीषण गर्मी से बचने के लिए करें ये उपाय
-दोपहर 12 से चार बजे तक बिना वजह बाहर निकलने से बचें।
-प्यास न लगने पर भी दिनभर में 8 से 10 गिलास पानी ओआरएस, नींबू पानी या छाछ पीते रहें।
-बाहर निकलना जरूरी हो तो सिर को सूती कपड़े, छाते या टोपी से ढककर ही निकलें।
-तरबूज, खीरा और ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फलों का सेवन करें, तला-भुना भोजन छोड़ दें।