
नवाबगंज (उन्नाव)। दिल्ली से किशोरी को अगवा करने वाले युवक की तलाश में दिल्ली मंगलोपुरी थाने की पुलिस शुक्रवार सुबह कस्बे के पछियांव मोहल्ला पहुंची। वहां किराए पर रहने वाली आरोपी की बहन के घर पहुंची। यहां पर युवक के न मिलने पर बहन को अजगैन कोतवाली ले गई। महिला का आरोप है कि पुलिस ने उसके साथ मारपीट की। इससे उसे चोटें आईं। जिला अस्पताल के वार्ड नंबर दो में उसका इलाज चल रहा है।
आसीवन थानाक्षेत्र के रामपुर हैदराबाद निवासी सुषमा पत्नी अशोक आठ महीने से नवाबगंज कस्बे के पछियांव मोहल्ले में किराए पर रहती है। पति अशोक पुणे में नौकरी करता है। सुषमा ने बताया कि शुक्रवार सुबह आठ बजे दिल्ली पुलिस उसके किराए के घर पर पहुंची और दिल्ली में रहने वाले छोटे भाई अमरकांत की जानकारी ली। उसके न मिलने पर उसे ही कोतवाली ले आई। वहां कमरे में बंद कर पुलिसकर्मियों ने उसे पीटा।
इससे उसके आंख सहित अन्य जगह गंभीर चोटें आईं। जिला अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पीड़िता ने बताया कि 15 दिन पहले भी पुलिस आई थी और भाई के बारे में जानकारी ली थी। फिर चली गई थी। जिला अस्पताल में मौजूद महिला के बड़े भाई पुरवा कोतवाली के ऊंचगांव किला निवासी शशिकांत ने बताया कि बहन को नवाबगंज में रहने वाले फूफा बच्चूलाल और गोपाली कोतवाली से लेकर आए थे। पहले सीएचसी ले गए थे, वहां से जिला अस्पताल भेजा गया था। कहा कि इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से करेंगे।
कोतवाल सुरेश सिंह ने बताया कि महिला का कोतवाली में मारपीट लगाने का आरोप गलत है। उसका भाई दिल्ली से किशोरी को साथ लेकर गया है। महिला ने उसे पहले अपने घर में रखा था, फिर भगा दिया था। दिल्ली पुलिस महिला को साथ लाई थी, फिर छोड़ दिया था।