UP: सामूहिक दुष्कर्म में डिब्रूगढ़ में तैनात सैनिक को फंसाया, अखिलेश दुबे के साथियों की करीबी युवती का कारनामा

Kanpur News: सीपी ने बताया कि राधा का कहना है कि आरोप लगाने वाली युवती कई अन्य लोगों पर भी इस तरह से रिपोर्ट करा चुकी है। राधा के मुताबिक उनके पति और अन्य लोग घटना के समय शहर में नहीं थे, उनको फंसाया गया है। जांच एसआईटी को दे दी गई है।

Kanpur soldier posted in Dibrugarh was implicated in misdeed feat of a girl close to Akhilesh Dubeys friends

कानपुर में अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथियों के खिलाफ शिकायतों की लिस्ट बढ़ती ही जा रही है। हर मामलों में शिकायतकर्ता और पीड़ित अलग हैं, लेकिन एफआईआर में लिखाई गई शिकायतों का घटनाक्रम लगभग एक जैसा है। ताजा मामला डिब्रूगढ़ एयरफोर्स स्टेशन में तैनात रहे बिधनू निवासी संजीत कुमार से जुड़ा हुआ है। उन्हें और उनके साथ पांच अन्य के खिलाफ जूही क्षेत्र की युवती ने नरवल थाने में दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में एफआईआर कराई थी

बुधवार को संजीत कुमार की पत्नी राधा ने पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार से मिलकर पति व अन्य का फंसाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महिला के मुताबिक युवती इसी तरह के तीन-चार एफआईआर पहले भी करा चुकी है। बिधनू के जरकला गांव की राधा की ओर से दी गई शिकायत के मुताबिक जूही क्षेत्र की युवती ने उनके पति, उन्नाव के फरीद खान, हरबंश मोहाल के मनीष बाजपेई, बर्रा आठ के सुरजीत प्रताप सिंह और नरवल के मयंक कुमार के खिलाफ नरवल थाने में एफआईआर कराई थी।

सभी पर एक ही मामले में कार्रवाई हुई
घटना आठ दिसंबर 2021 को हुई, लेकिन रिपोर्ट दो साल बाद कराई गई। युवती ने घटनास्थल उन्नाव का बताया था, लेकिन उन्नाव पुलिस से शिकायत न करके कानपुर पुलिस से शिकायत की गई। उसके 164 के बयान में घटना की तारीख अलग है। राधा का आरोप है कि पांचों आरोपी पहले एक दूसरे को नहीं जानते थे। जेल जाने के बाद उन्हें पता चला कि सभी पर एक ही मामले में कार्रवाई हुई है। एफआईआर कराने वाले युवती के पिता, बहन और बहनोई भी अखिलेश दुबे के साथी हैं। राधा का आरोप है कि नवरल थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जांच एसीपी कलक्टरगंज को ट्रांसफर कर दी गई।

हिस्ट्रीशीटर पिंकू सैनी से था प्रॉपर्टी का विवाद
एसीपी का होमगार्ड युवती का जीजा है। इस वजह से उनके पति और घटना तिहाड़ जेल में निरुद्ध रहे मनीष बाजपेई की रिपोर्ट को नजरअंदाज किया गया। राधा का आरोप है कि मनीष बाजपेई का प्रॉपर्टी का विवाद हरबंशमोहाल थाने के हिस्ट्रीशीटर पिंकू सैनी से था। पिंकू सैनी क्षेत्राधिकारी ऋषिकांत शुक्ला के साथ प्रॉपर्टी का कार्य कर रहा था। इस वजह से मनीष बाजपेई को रिपोर्ट में आरोपी बनाया गया। इसी तरह बर्रा आठ के सुरजीत प्रताप सिंह पत्रकारिता से जुड़े हुए थे।

कई अन्य लोगों पर रिपोर्ट करा चुकी है युवती
उन्होंने केडीए के खिलाफ कई खबर लिखी थी। उनको एक बिल्डर के इशारे पर फंसाया गया। रिपोर्ट में नरवल के मयंक कुमार भी आरोपी हैं। वह उस समय हरियाणा की एक कंपनी में कार्य कर रहे थे। पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने महिला को जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीपी ने बताया कि राधा का कहना है कि आरोप लगाने वाली युवती कई अन्य लोगों पर भी इस तरह से रिपोर्ट करा चुकी है। राधा के मुताबिक उनके पति और अन्य लोग घटना के समय शहर में नहीं थे, उनको फंसाया गया है। जांच एसआईटी को दे दी गई है।

  • राधा के अनुसार रिपोर्ट करने वाली महिला पड़ोसी गांव की है। उसने 2021 में पांच लाख रुपये मांगे थे। न दे पाने पर पति को जेल भिजवाने की धमकी दी थी। पुलिस को साक्ष्य दिए पर कुछ नहीं हुआ।
  • संजीत कुमार के अनुसार वह वर्ष 2017 से एक ही मोबाइल नंबर चला रहे हैं। बताई गई घटना के वक्त ड्यूटी पर थे। सीडीआर निकलवाकर सच्चाई जानी जा सकती थी पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
  • सुरजीत प्रताप सिंह के अनुसार उन्होंने केडीए में 10 करोड़ रुपये का घोटाला खोला था। इसमें अखिलेश दुबे के गुर्गे भी शामिल थे इसीलिए उन्हें इस मुकदमे में फंसाया गया।
  • मनीष ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर पिंटू सैनी उनकी प्रॉपर्टी पर कब्जा किए था। पिंटू भी अखिलेश का करीबी है। आठ दिसंबर 2021 को दर्ज हुई घटना के वक्त वह तिहाड़ जेल में था। रात 8:30 बजे वहां से छोड़ा गया था

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