Unnao News: सिंचाई विभाग ने जहां बाढ़ न आने की दी रिपोर्ट, वहां हजारों मकान जलमग्न

Thousands of houses submerged in water where the irrigation department reported no flood

फोटो-18- मार्जिनल बांध न बनने से शुक्लागंज के डूब क्षेत्र में जलमग्न बस्ती। संवाद

उन्नाव। हर साल बाढ़ की मार झेलने के बावजूद शुक्लागंज में पांच किलोमीटर का मार्जिनल बांध न बनने का मामला विधानसभा तक पहुंचने के बाद सिंचाई विभाग में हलचल मच गई है। सिंचाई विभाग ने प्रस्तावित क्षेत्र में बाढ़ न आने और पूर्व निर्धारित स्थान बाढ़ में कट जाने की रिपोर्ट विधानसभा की याचिका समिति को दे दी। पूर्व सदर विधायक ने सिंचाई विभाग की रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। याचिका समिति विभाग के चीफ इंजीनियर को मौके पर जाकर निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। विभाग की टीम 11 सितंबर को मौका मुआयना करने आएगी।

मालूम हो कि गंगा नदी की बाढ़ से शुक्लागंज (गंगाघाट) की करीब ढाई लाख आबादी को हर साल मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं। लोगों को मुश्किलों से बचाने के लिए पूर्व सांसद व तत्कालीन सपा विधायक दीपक कुमार की मांग पर वर्ष 2016 में शासन ने शुक्लागंज में जाजमऊ पुल से शुक्लागंज की बस्ती तक पांच किलोमीटर लंबा मार्जिनल बांध बनने स्वीकृति दी थी।

केंद्रीय जल संसाधन विकास एवं गंगा बाढ़ नियंत्रण मंत्रालय ने छह मार्च 2017 को राज्य सरकार को मार्जिनल बांध का निर्माण वित्तीय वर्ष 2018-19 तक पूरा कराने के निर्देश दिए और 134 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। निर्माण बनाने के लिए शारदा नहर खंड सिंचाई विभाग को 60 लाख रुपये भी जारी किए थे लेकिन विभाग ने पत्थर बोल्डर डलवाने के बाद योजना पर ध्यान नहीं दिया। इसके बाद दीपक कुमार के भाई व पूर्व सदर विधायक रामकुमार लगातार मुद्दे को उठाते रहे हैं।

फरवरी 2025 को कानपुर आर्यनगर विधायक अमिताभ बाजपेयी के माध्यम से उन्होंने विधानसभा में इसके लिए याचिका दाखिल की थी। सिंचाई विभाग ने विधानसभा में पेश की गई अपनी रिपोर्ट में 2017 में प्रस्तावित बांध स्थल बाढ़ में कट जाने और वर्तमान में इस क्षेत्र में बाढ़ न आने की रिपोर्ट दी है। इसपर पूर्व विधायक की आपत्ति पर विधानसभा याचिका समिति ने विभाग के चीफ इंजीनियर एचएन सिंह को मौके पर जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।

विभाग के एक्सईएन गगन कुमार शुक्ला ने बताया कि चीफ इंजीनियर का 11 सितंबर को इस क्षेत्र के निरीक्षण का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

डूब क्षेत्र में बन गए करीब चार हजार मकान
सदर तहसील प्रशासन की अनदेखी से शुक्लागंज में गंगा नदी के किनारे डूब क्षेत्र में लोगों ने तीन से चार हजार मकान बना लिए हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब अगर मार्जिनल बांध बनाया भी जाता है तो इन मकानों को हटाना पड़ेगा। इन्हें विस्थापित करना मुश्किल है। मकान बनाने वाले मुआवजा मांगेंगे तो उसपर बहुत खर्च आएगा। उच्चाधिकारियों के निरीक्षण के बाद उनकी रिपोर्ट और शासन के निर्देश के अनुसार विभाग के अधिकारी आगे की कार्रवाई की बात कह रहे हैं।

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