केजीएमयू में यौन शोषण और धर्मांतरण के आरोपी डॉक्टर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया है। वहीं, पुलिस आरोपी डॉक्टर की तलाश में दबिश दे रही है।

डॉ. रमीज मलिक
यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के आरोपी केजीएमयू के रेजीडेंट डॉक्टर रमीज मलिक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया। पुलिस ने जिला कोर्ट में इसके लिए आवेदन किया था। उधर, आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस की तीन टीमें अभी तक खाली हाथ हैं।
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि बृहस्पतिवार को पीड़िता का मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया गया। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ गैर जमानती वारंट के लिए आवेदन किया था, जिसे कोर्ट ने जारी कर दिया है।
रमीज की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उत्तराखंड के खटीमा के अलावा बरेली व अन्य जगहों पर दबिश भी दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। उसका मोबाइल फोन लगातार बंद जा रहा है। इस कारण पुलिस को सही लोकेशन नहीं मिल पा रही है। पुलिस रमीज के करीबियों के मोबाइल फोन की भी निगरानी कर रही है।
इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय ने बताया कि गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आता है तो उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के सूत्र बताते हैं कि मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयान में पीड़िता ने एफआईआर में दर्ज कराए सारे आरोप फिर से दोहराए हैं।
एक नजर में मामला: केजीएमयू की एक महिला रेजीडेंट डॉक्टर ने कुछ दिन पहले डॉक्टर रमीज मलिक पर यौन शोषण और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप लगाया था। पीड़िता का कहना था कि दोनों के बीच दोस्ती थी। अगस्त में रमीज उनके किराये के कमरे पहुंचा और शादी का झांसा देकर यौन शोषण किया। पीड़िता का आरोप है कि सितंबर में उसे पता चला कि वह गर्भवती हैं। इस बारे में जब रमीज से बात की तो उसने दवा देकर गर्भपात करा दिया।
पीड़िता को बाद में पता चला कि रमीज शादीशुदा है। उसने एक हिंदू लड़की का धर्म परिवर्तन कराकर निकाह किया था। पीड़िता ने जब इस बारे में रमीज से बात की तो रमीज ने उस पर भी धर्म परिवर्तन करने का दबाव डालते हुए ब्लैकमेल किया। परेशान होकर पीड़िता ने 17 दिसंबर की सुबह दवाओं की ओवरडोज खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था।