Cough Syrup Case: कफ सिरप कारो बार के किंगपिन शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद को शुक्रवार को सोनभद्र जेल से वाराणसी लाया गया था। यहां कोर्ट में पेशी के बाद छह आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया।

शुभम जायसवाल, भोला प्रसाद और अमित सिंह टाटा। –
Varanasi News: अपर जिला जज (फास्ट ट्रैक) मनोज कुमार की अदालत में शुक्रवार को कोडीनयुक्त कफ सिरप के मामले में शुभम जायसवाल सहित छह आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। मामले के सामने आने के बाद से ही शुभम भागा है। उसके दुबई में होने की जानकारी मिली है।
वाराणसी, सोनभद्र, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली सहित यूपी के कई जिलों में शुभम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है। दूसरी तरफ, शुभम के पिता भोला प्रसाद जायसवाल को शुक्रवार को सोनभद्र जेल से वाराणसी लाया गया और अदालत में पेश किया गया।
शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर भोला प्रसाद जायसवाल की शुक्रवार को अदालत पेशी हुई। साथ ही उसकी संपत्ति जब्त किए जाने की अर्जी पर सुनवाई हुई। आरोपी के अधिवक्ता ने अर्जी का अध्ययन और लिखित आपत्ति दाखिल करने के लिए 15 दिन का समय मांगा। इस पर अदालत ने आरोपी का न्यायिक रिमांड बनाते हुए अगली सुनवाई के लिए 9 जनवरी की तिथि तय कर दी।
प्रकरण के अनुसार, ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली ने कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि रांची की फर्म शैली ट्रेडर्स के जरिये कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी की गई। इसका नेटवर्क देश-विदेश में है।
32 करोड़ से ज्यादा की मिली संपत्ति
फर्म के प्रोपराइटर भोला प्रसाद जायसवाल और उसके बेटे शुभम जायसवाल ने कूटरचित दस्तावेज के आधार पर फर्जी फर्म का पंजीकरण कराया और बड़ी मात्रा में कफ सिरप की खरीद-बिक्री की। इसका इस्तेमाल नशे के रूप में किया गया। जांच में भोला और उसके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से 32 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति पाई गई है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे सोनभद्र जेल में रखा है।
दूसरी तरफ, विवेचक ने अदालत में अर्जी देकर आरोपी को सोनभद्र जेल से वारंट बी से तलब करने की गुहार लगाई गई थी। इसके बाद आरोपी को सोनभद्र जेल से शुक्रवार को वाराणसी लाया गया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली के अवलोकन के बाद भोला को जेल भेज दिया।

अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना शुभम जायसवाल। – फोटो : संवाद
इन आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
शैली ट्रेडर्स के कर्ता धर्ता मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल समेत छह आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। 15 नवंबर कोतवाली थाने में दर्ज प्राथमिकी के तहत प्रहलाद घाट निवासी शुभम जायसवाल, खोजवा बाजार भेलूपुर निवासी दिवेश जायसवाल उर्फ सानू, जौनपुर के वाजिदपुर निवासी विकास सिंह, मैदागिन गोलघर निवासी आकाश पाठक, कोतवाली थाना क्षेत्र के गायघाट निवासी राहुल यादव, सोनिया निवासी अमित जायसवाल वांछित है। घटना के बाद से ही फरार चल रहे है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। शुभम पर 75 हजार का इनाम भी है।
50 हजार इनामी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि का कोर्ट में सरेंडर
कफ सिरप के अवैध भंडारण समेत अन्य आरोपों में वांछित 50 हजार इनामी प्रधान प्रतिनिधि और गोदाम मालिक महेश सिंह ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस को भनक तक नहीं लग सकी। कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में लेकर आरोपी महेश को जेल भेज दिया।
रोहनिया थाना क्षेत्र के भदवर काशीपुर निवासी महेश सिंह और सिंडिकेट के सरगना शुभम जायसवाल के साथ कफ तस्करी में शामिल रहा है। 19 नवंबर को रोहनिया के भदवर में जिम के नीचे गोदाम से पुलिस ने दो करोड़ की 93 हजार से ज्यादा शीशी कफ सिरप की बरामद हुई थी।
केयर टेकर आजाद जायसवाल को गिरफ्तार किया गया था। गोदाम मालिक महेश सिंह उस समय भाग निकला था। इस मामले में रोहनिया पुलिस ने महेश सिंह, शुभम जायसवाल, आजाद जायसवाल समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इस बीच कमिश्नरेट पुलिस ने महेश सिंह पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया था।
तीन और फर्मों के लाइसेंस निरस्त
कोडीनयुक्त कफ सिरप की खरीद-बिक्री मामले में शुक्रवार को वाराणसी की तीन किरन फार्मा, वेदिका इंटरप्राइजेज और अथर्व ट्रेडर्स फार्मा के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा और औषधि के मुताबिक, अब जिले में लाइसेंस निरस्त होने वाली फर्मों की संख्या 37 तक पहुंच गई है। कफ सिरप प्रकरण में खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन टीम ने जांच तेज कर दी। नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज करवाने, नोटिस जारी करने के साथ ही लाइसेंस भी निरस्त किया जा रहा है। शुक्रवार को वाराणसी में का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।