
फोटो- 1- आरोग्य मेले का निरीक्षण करते प्रभारी सीएमओ डॉ.एचएन प्रसाद। आर्काइव
उन्नाव। आरोग्य मेलों में डॉक्टरों की मनमानी पर रोक लगेगी। मेले में डॉक्टरों के न आने की लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाया है। अब आरोग्य मेले में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों को सुबह अस्पताल पहुंचते ही जीपीएस लोकेशन के साथ सेल्फी लेकर पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
जिले के 48 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। इसका उद्देश्य ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लोगों को उनके नजदीक बेहतर और समुचित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन मेले में निर्धारित समय पर डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचते हैं। इस कारण मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई बार बिना इलाज लौटना पड़ता है।
इस अपर निदेशक स्वास्थ्य ने डॉक्टरों की उपस्थिति की निगरानी तकनीकी माध्यम से करने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टरों को अब जीपीएस आधारित सेल्फी लेकर पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इससे डॉक्टर निर्धारित स्थान पर मौजूद हैं या नहीं, इसकी जानकारी हो सकेगी।
केस एक-
फार्मासिस्टों ने मरीजों का किया इलाज
15 सितंबर 2025 को आरोग्य मेले के दौरान सकहन राजपूतान में डॉक्टर की अनुपस्थिति में फार्मासिस्ट राजकुमार ने 47 मरीजों को दवाएं दी थी। इसके अलावा रूपपुर चंदेला पीएची में भी कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। इससे फार्मासिस्ट प्रमोद उत्तम ने 57 मरीजों का इलाज किया। तत्कालीन सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने न पहुंचने वाले डॉक्टरों की रिपोर्ट बनाकर जिले पर भेजी थी।
केस दो-
डॉक्टर के न आने पर लौट गए थे मरीज
30 नवंबर 2025 को मोहन पीएचसी में तैनात डॉ. अजय 11 बजे तक अस्पताल नहीं पहुंचे। वहीं मरीज अस्पताल के बाहर नौ बजे से डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। कई मरीज मायूस होकर लौटे भी थे। मरीजों ने फार्मासिस्ट से दवाएं लीं। इस पर सीएमओ ने जवाब मांगा था।
केस तीन-
निरीक्षण में स्वास्थ्य केंद्र पर मिला था ताला
सात दिसंबर 2025 को आयोजित आरोग्य मेले का एसीएमओ डॉ. जेआर सिंह ने निरीक्षण किया था। बिछिया क्षेत्र के पड़री कला स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर दोपहर 2:45 पर पहुंचे थे लेकिन केंद्र पर उन्हें ताला लगा मिला जबकि सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक मेले का संचालन किया जाता है। इसपर एसीएमओ ने नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद केंद्र प्रभारी को चेतावनी पत्र जारी किया और स्पष्टीकरण भी मांगा था।
वर्जन
अगर कोई डॉक्टर निर्देशों का पालन नहीं करता है, समय से अस्पताल नहीं पहुंचता है या बिना जानकारी दिए ड्यूटी छोड़ता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. जीपी गुप्ता, अपर निदेशक, लखनऊ मंडल को