UP: सीएम योगी बोले- लोकतंत्र जानने के लिए दुनिया को भारत से सीखना होगा, पढ़ें पूरा बयान…

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक समझ के लिए दुनिया को भारत से सीखना होगा। हिंदुजा फाउंडेशन की पुस्तक के विमोचन पर उन्होंने सनातन संस्कृति, ऐतिहासिक प्रमाणों और भारत की लोकतांत्रिक चेतना को रेखांकित करते हुए इसे पश्चिमी दुष्प्रचार का तथ्यात्मक जवाब बताया।

UP: CM Yogi said - The world needs to learn from India to understand democracy

सीएम योगी 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत ने हमेशा सनातन संस्कृति और इतिहास से जुड़े प्रमाणों को प्रमुखता से रखा है। ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ पुस्तक भारत की लोकतांत्रिक चेतना, ऐतिहासिक एकता और हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को प्रमाणों के साथ प्रस्तुत करने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो वर्षों से किए जा रहे पश्चिमी दुष्प्रचार का तथ्यात्मक उत्तर देता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के बारे में यदि देश-दुनिया लोकतंत्र के खूबियों को जानना है तो उसे भारत से सीखना होगा।

मुख्यमंत्री ने यह बात बृहस्पतिवार को अपने आवास पर हिंदुजा फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ के विमोचन के मौके पर कहा। इस मौके पर उन्होंने फाउंडेशन द्वारा संग्रहित दुर्लभ और प्राचीन ऐतिहासिक सिक्कों का अवलोकन भी किया।

कार्यक्रम में हिंदुजा फाउंडेशन के जनकल्याणकारी कार्यों को दर्शाती लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। सीएम ने कहा कि दुनिया के सभी जाति, मत व संप्रदायों की भारत ने मदद ही नहीं की, बल्कि शरण देकर फलने-फूलने का अवसर भी दिया है। 

दुनिया के अंदर क्या कोई और देश या मत, मजहब है जो इस बात की घोषणा करता हो “अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्, उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्”, ये केवल भारत ही कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुस्तक में अयोध्या, मथुरा, कौशाम्बी, काशी और पांचाल सहित अनेक क्षेत्रों के तांबे, चांदी और मिश्रित धातुओं से बने सिक्के उस समय की ऐतिहासिक, भौगोलिक और व्यापारिक स्थिति को प्रमाणित करते हैं।

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन-2047 पंच प्रण और 11 संकल्पों के साथ हर भारतीय को जोड़ता है। इसका पहला प्रण ही विरासत पर गौरव की अनुभूति करना है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम का पुनरोद्धार और सनातन धरोहरों का संरक्षण इसी विजन का साकार रूप है।

पुस्तक के लेखक प्रो. देवेन्द्र हांडा ने बताया कि ब्रिटिश म्यूजियम में संरक्षित एक सिक्के पर ‘सावित्री पुत्र जनपदस’ अंकित है। इससे सिद्ध होता है कि सावित्री-सत्यवान की कथा केवल कल्पना नहीं, बल्कि सनातन इतिहास की वास्तविक घटनाओं से जुड़ी है।

हिंदुजा फाउंडेशन का शोधपरक प्रयास

हिंदुजा समूह के अशोक हिंदुजा ने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत अपनी सनातन संस्कृति को वैज्ञानिक शोध और प्रमाणों के साथ दुनिया के सामने रखे। यह पुस्तक उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए उत्तर प्रदेश में आगे भी निवेश का भरोसा जताया। कार्यक्रम में हिंदुजा समूह के ट्रस्टी पीपी हिंदुजा, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और हिंदुजा परिवार के वरिष्ठ सदस्य और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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