
सफीपुर। जमीन से जुड़े मामले में अफसरों ने सुनवाई नहीं की तो पीड़ित अपनी 102 साल की मां के साथ आत्मदाह के लिए लखनऊ विधानसभा भवन के सामने बोतल में पेट्रोल लेकर पहुंच गया। पेट्रोल देख पुलिस कर्मियों ने दोनों को रोका और हर संभव मदद का आश्वासन देकर कोतवाली पुलिस के साथ भेजा। पीड़िता की तहरीर पर एक महिला सहित छह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है।
सफीपुर कोतवाली के मोहल्ला बाकरगंज निवासी खुशीराम लोध (63) ने बताया कि वह लुधियाना में मजदूरी करता था। मां रामरती गांव में रहती हैं। वर्ष 2021 में मोहल्ले के कुछ लोग मां की 21 बिस्वा जमीन हथियाने के लिए उन्हें बहला-फुसलाकर उपनिबंधक कार्यालय ले गए और अंगूठा लगवा लिया। मोहल्ले के लोगों से जानकारी मिली पर वह गांव आया और अधिकारियों से बात की। उसे जमीन का दाखिल खारिज रोकने का आश्वासन दिया गया। तहसील अधिकारियों को जांच के बाद कार्रवाई की बात कही। इसी बीच उसने (खुशीराम ने) बैनामा निरस्त करने का मुकदमा भी डाल दिया लेकिन तहसील प्रशासन ने मदद नहीं की।
सुनवाई न होने से परेशान होकर शनिवार को वह एक बोतल में पेट्रोल लेकर मां के साथ लखनऊ विधानसभा भवन के सामने आत्मदाह के इरादे से पहुंच गया, लेकिन पुलिस ने विधानसभा को जाने वाले रास्ते पर ही रोक लिया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद आई कोतवाली पुलिस उन दोनों को सफीपुर ले आई।
कोतवाल श्यामनारायण सिंह ने बताया कि बैनामा सही है या गलत इसका फैसला न्यायालय करेगा। फिलहाल वृद्धा रामरती की तहरीर पर बाकरगंज निवासी फुजैल अहमद, उसकी पत्नी नाजो, यमन खान, अनीस, धनीराम और हाता बाजार निवासी नदीम अंसारी पर गालीगलौज और जान से मारने की धमकी देन की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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आरोप 50 लाख की जमीन का 5.50 लाख में बैनामा, रुपये भी नहीं दिए
पीड़ित खुशीराम का आरोप है कि उसकी मां के नाम की 50 लाख कीमत की जमीन का 5.50 लाख रुपये में बैनामा करा लिया गया और रुपये भी नहीं दिए। बताया कि एक जनप्रतिनिधि के साथ डीएम से मिलकर जमीन का दाखिल खारिज रोकने के लिए गुहार लगाई थी। डीएम ने भी जांच पूरी होने तक दाखिल खारिज रोकने के लिए निर्देश दिए थे, लेकिन तहसील अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की। बताया कि जिन आरोपियों ने महिलाओं के नाम बैनामा कराया और पता उनके मायके कानपुर और कन्नौज का लिखवाया, जबकि सभी कस्बे की रहने वाली हैं।