
फोटो-7- प्रोजेक्ट अलंकार योजना में चयनित कमलापति इंटर कॉलेज में अधूरा पड़ा कार्य। संवाद – फोटो : मुरैठी माइनर ओवरफ्लो होने से जलमग्न हुए खेत।
उन्नाव/बीघापुर। प्रोजेक्ट अलंकार योजना में चयनित तीन सहायता प्राप्त अशासकीय स्कूलों में निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। इन स्कूलों को मिली पहली किस्त से हुए निर्माण कार्यों की प्रामाणिकता पर शिक्षा निदेशालय को संदेह है। इस कारण दूसरी किस्त नहीं दी गई है।
प्रोजेक्ट अलंकार योजना में मौरावां के केएनपीएन इंटर कॉलेज, पुरवा के एमआरएस इंटर कॉलेज और बीघापुर का कमलापति इंटर कॉलेज का चयन करीब डेढ़ साल पहले किया गया था। केएनपीएन इंटर कॉलेज को एक करोड़ नौ लाख 32 हजार रुपये, एमआरएस इंटर कॉलेज को 20 लाख रुपये और कमलापति इंटर कॉलेज को एक करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई थी।
पहली किस्त के रूप में स्वीकृत धनराशि का 25 फीसदी हिस्सा स्कूलों को भेजा गया था। मौरावां कॉलेज को 32.79 लाख, पुरवा कॉलेज को 10.74 लाख और कमलापति कॉलेज को 40 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। इन राशियों से तीनों स्कूलों में ढांचागत निर्माण तो शुरू हुआ लेकिन दूसरी किस्त के अभाव में एक साल से काम रुका है।
उप्र माध्यमिक शिक्षा संघ शर्मा गुट के संरक्षक सतीशचंद्र मिश्रा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विभागीय अधिकारियों की लापरवाही को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया है। कहा कि प्रोजेक्ट अलंकार योजना जिले में मजाक बनकर रह गई है। भवनों के अधूरा निर्माण होने से न केवल अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है बल्कि प्रायोगिक कार्य भी बाधित हो रहे हैं। चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करेंगे।
प्रशासनिक जांच के बाद होगा भुगतान
जिला विद्यालय निरीक्षक सुनीलदत्त ने बताया कि प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत चयनित स्कूलों को धनराशि भेजने के बाद प्रधानाचार्यों ने उसका उपभोग प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था। इसकी स्थलीय जांच के लिए तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की गई थी जिसने अपनी रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजी थी। निदेशालय ने इन रिपोर्टों पर संदेह व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी को टीम गठित कर कार्यों की पुनः जांच कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम स्तर से जांच समिति गठित कर दी गई है और उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही दूसरी किस्त दी जाएगी।