
उन्नाव। लंबे सफर की थकान और भोर पहर का वक्त होने से बस में सवार सभी यात्री नींद में थे। यात्रियों ने सीट पर बैठकर सफर कर रहे घायल यात्रियों ने बताया कि नींद में थे तभी अचानक तेज धमाके की आवाज आई तो सभी चीख पड़े। इतना तेज झटका लगा कि संभलने का मौका नहीं मिला। ऊपर की बर्थ पर सो रहे यात्री और बैठकर सफर कर रहे यात्री एक-दूसरे पर गिर गए। जो बस में नीचे की तरफ फंसे वह जिंदा नहीं बच पाए।
दिल्ली से बलिया जा रहे ब्रजेश कुमार ने बताया कि तेज झटका लगने के बाद सभी यात्री एक-दूसरे पर गिरे और लगा किसी बस किसी गहरी खाई में फिसलती चली जा रही हो। बस की खिड़की का शीशा टूट जाने से वह किसी तरह बाहर निकल आया। इसी बीच शोर सुनकर एक्सप्रेसवे से निकल रहे कुछ वाहन चालकों ने रुक कर उनकी मदद की। कई लोगों को बाहर निकाला उनमें वह (ब्रजेश) भी शामिल है।
हादसे में मृत विदेशी गुप्ता के साथ सफर कर रहीं उनकी पत्नी बिंद्रावती ने बताया कि वह काफी दिनों बाद गोरखपुर जा रहे थे। अगले महीने परिवार में एक शादी में भी शामिल होने था। बताया कि जिस समय हादसा हुआ वह भी गहरी नींद में थीं। कुछ तेज झटके लगने और गिरने से के बाद मानो दिमाग की सोचने-समझने की शक्ति ही खत्म हो गई थी। कुछ लोगों ने निकाला,एंबुलेंस में थे तब पति के बारे में जानकारी ली, बताया गया कि उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया गया है, बाद में पति की मौत की जानकारी हुई।