
फोटो-25-कोहरे के दौरान आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से आवागमन करते वाहन।
उन्नाव। करीब 15 दिन से पड़ रही ठंड से फिलहाल निजात मिलने की उम्मीद नहीं है। बुधवार को धूप निकली लेकिन नरमी होने से न्यूनतम तापमान में गिरावट आ गई और पारा गिरकर 4.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कोहरा और घना होने और शीतलहर चलने का पूर्वानुमान जारी किया है।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 16 और न्यूनतम पारा आठ डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। रात में भीषण कोहरा रहा। दृश्यता 10 से 15 मीटर ही रही। बुधवार सुबह नौ बजे तक कोहरे का असररहा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे भीषण कोहरे की चपेट में रहा। दोपहर डेढ़ बजे हल्की धूप निकली लेकिन ठंड से राहत नहीं मिली। बुधवार को न्यूनतम तापमान 4.6 और अधिकतम पारा 16.4 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया।
चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय कानपुर के मौसम विशेषज्ञ डॉ. सुनील पांडेय ने बताया कि दक्षिण पूर्व हवा की अधिकतम गति 4.1 किमी रही। आने वाले दिनों में गलन परेशानी करेगी। कोहरा और घना पड़ेगा। शीत लहर भी चलेगी। बारिश की संभावना नहीं है।
इंसेट-1
फसलों को रोग से बचाने के लिए ये करें प्रयोग
-गेहूं के पौधों में जिंक की कमी के लक्षण दिखने पर पांच किलो जिंक सल्फेट और 16 किलो यूरिया को 800 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें
-मटर की पत्तियों और फलियों पर सफेद पाउडर जैसा बुकनी रोग दिखे तो तुरंत घुलनशील गंधक का छिड़काव करें
-सरसों को सफेद गेरूई रोग से बचाने के लिए मैंकोजेब युक्त फफूंदनाशी का इस्तेमाल करें
-दलहनी फसलों में कटुआ कीट के नियंत्रण के लिए खेत में जगह-जगह सूखी घास के ढेर रख दें। इन पर बैठने वाले कीटों को एकत्र करके सुबह नष्ट कर दें
-आम के पेड़ों को मिलीबग (गुजिया कीट) से बचाने के लिए तने पर 25 सेमी चौड़ी पॉलिथीन पट्टी लपेटें। पुराने और घने आम के बागों में छंटाई का काम इसी समय पूरा कर लें और कटे हुए हिस्सों पर कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का लेप लगाएं
-अमरूद में छाल खाने वाली इल्ली को रोकने के लिए सुराखों में कीटनाशक से भीगी रुई भरकर मिट्टी का लेप लगा दें।
-आलू, टमाटर और मिर्च में इस मौसम में झुलसा रोग और विषाणु का खतरा अधिक होता है। इसे रोकने के लिए इमिडाक्लोप्रिड या मैंकोजेब का छिड़काव करें।